Labour Card Scheme 2026 – देश में करोड़ों लोग दिहाड़ी मजदूरी, निर्माण कार्य, खेतों में काम, फैक्ट्रियों या अन्य असंगठित क्षेत्रों में काम करते हैं। ऐसे मजदूरों की आमदनी न तो तय होती है और न ही उनके पास कोई सामाजिक सुरक्षा होती है। इसी समस्या को देखते हुए सरकार ने लेबर कार्ड योजना को और मजबूत किया है। साल 2026 में इस योजना के तहत मजदूरों को सीधे ₹18,000 तक का आर्थिक लाभ दिया जा रहा है।
इस योजना की सबसे अच्छी बात यह है कि मिलने वाली राशि सीधे मजदूर के बैंक खाते में भेजी जाती है। इसमें किसी बिचौलिए की जरूरत नहीं होती, जिससे पूरा सिस्टम पारदर्शी बना रहता है।
लेबर कार्ड योजना का उद्देश्य क्या है
लेबर कार्ड योजना का मुख्य उद्देश्य असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों को सुरक्षा देना है। जो लोग ठेके पर, रोजाना मजदूरी पर या मौसमी काम करते हैं, उनके लिए बीमारी, दुर्घटना या बुढ़ापे में हालात बहुत मुश्किल हो जाते हैं। इस योजना के जरिए सरकार मजदूरों को एक पहचान देती है और उन्हें स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास और पेंशन जैसी सुविधाओं से जोड़ती है। इससे मजदूरों और उनके परिवारों को सम्मान के साथ जीवन जीने में मदद मिलती है।
योजना के तहत मिलने वाले बड़े फायदे
इस योजना के तहत सबसे बड़ा फायदा ₹18,000 सालाना आर्थिक सहायता है। यह राशि अलग-अलग किस्तों में दी जाती है और परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों में काफी मदद करती है। इसके अलावा स्वास्थ्य सुविधा भी दी जाती है। मजदूर और उनके परिवार को इलाज में राहत मिलती है, जिससे अचानक आने वाला अस्पताल खर्च बोझ नहीं बनता। मजदूरों के बच्चों की पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति भी मिलती है। इससे बच्चे स्कूल या कॉलेज की पढ़ाई बीच में छोड़ने को मजबूर नहीं होते। जब मजदूर काम करने की उम्र पार कर लेता है, तो उसे वृद्धावस्था पेंशन भी दी जाती है। इससे बुजुर्ग मजदूरों को दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।
घर और मातृत्व से जुड़े फायदे
लेबर कार्ड धारकों को घर बनाने या मरम्मत के लिए भी आर्थिक मदद मिलती है। जो मजदूर झुग्गी या कच्चे मकान में रहते हैं, उनके लिए यह सुविधा बहुत उपयोगी है। महिला मजदूरों के लिए मातृत्व लाभ भी दिया जाता है। गर्भावस्था और प्रसव के समय महिलाओं को आर्थिक सहायता मिलती है ताकि वे बिना तनाव के अपनी और बच्चे की देखभाल कर सकें।
कौन ले सकता है योजना का लाभ
लेबर कार्ड योजना का लाभ लेने के लिए मजदूर की उम्र 18 से 60 साल के बीच होनी चाहिए। वह असंगठित क्षेत्र में काम करता हो, जैसे निर्माण मजदूर, मिस्त्री, पेंटर, प्लंबर, खेत मजदूर, घरेलू कामगार, रिक्शा चालक या दुकान में काम करने वाला कर्मचारी। आवेदक को उसी राज्य का निवासी होना चाहिए, जहाँ से वह आवेदन कर रहा है। राज्य के श्रम विभाग में पंजीकरण जरूरी है।
जरूरी दस्तावेज क्या हैं
आवेदन के लिए आधार कार्ड या वोटर आईडी जरूरी है। इसके साथ बैंक पासबुक की कॉपी, राशन कार्ड, मोबाइल नंबर और पासपोर्ट साइज फोटो देना होता है। कुछ राज्यों में आय प्रमाण पत्र भी मांगा जाता है। इसके अलावा काम का प्रमाण देना जरूरी होता है, जिससे यह साबित हो सके कि आप वास्तव में मजदूरी का काम करते हैं।
लेबर कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें
सबसे पहले अपने राज्य के श्रम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। वहां Labour Card Registration या Shramik Registration का विकल्प मिलेगा। फॉर्म में अपना नाम, पता, जन्म तिथि, मोबाइल नंबर और बैंक खाता विवरण भरें। इसके बाद अपने काम से जुड़ी जानकारी दें और सभी जरूरी दस्तावेज अपलोड करें। फॉर्म सबमिट करने के बाद आपको एक आवेदन संख्या मिलेगी। इसे सुरक्षित रखें, इसी से आप आवेदन की स्थिति देख सकेंगे।
सत्यापन और लाभ मिलने की प्रक्रिया
आवेदन के बाद श्रम विभाग आपके दस्तावेजों की जांच करता है। अगर सभी जानकारी सही होती है, तो आपका लेबर कार्ड जारी कर दिया जाता है। कार्ड मिलने के बाद तय समय पर पैसे आपके बैंक खाते में आने लगते हैं। आपको SMS के जरिए इसकी जानकारी मिल जाती है। लेबर कार्ड का समय पर नवीनीकरण कराना जरूरी होता है। अगर मोबाइल नंबर, पता या बैंक खाता बदले तो तुरंत अपडेट करें। किसी भी एजेंट या दलाल को पैसे न दें। यह पूरी प्रक्रिया बिल्कुल मुफ्त है। अगर कोई पैसे मांगे तो वह धोखाधड़ी है।
Disclaimer
यह लेख सार्वजनिक जानकारी और सामान्य सरकारी दिशा-निर्देशों पर आधारित है। लेबर कार्ड योजना के नियम, लाभ राशि और पात्रता राज्य के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। आवेदन करने से पहले संबंधित राज्य के श्रम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या कार्यालय से नवीनतम जानकारी की पुष्टि अवश्य करें।




